Kabhi Ro ke

Kabhi Ro ke

Kabhi Ro ke muskuraye kabhi muskura ke Roye,
Jab bhi Teri yaad Aayi tujhe bhula ke Roye,
Ek tera hi to naam tha jise hazaar bar likha,
Jitna likh ke khush hue uss se jyada mita ke Roye..

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बदलना आता नहीं हमको मौसम की तरह;
हम हर एक रूप में तेरा इंतज़ार करते हैं;
न समेट सकोंगी तुम इसे क़यामत की तरह;
कसम तुम्हारी हम तुम्हें इतना प्यार करते हैं!
कुछ रिश्ते अंजाने में ही हो जाते है, पहले दिल फिर जिन्दगी से जुड़ जाते है, कहते है उस दौर को प्यार… जिसमें लोग जिन्दगी से भी प्यारे हो जाते है..
बदलना आता नहीं हमको मौसम की तरह; हम हर एक रूप में तेरा इंतज़ार करते हैं; न समेट सकोंगी तुम इसे क़यामत की तरह; कसम तुम्हारी हम तुम्हें इतना प्यार करते हैं!

Dil

न जाने कौन सा जादू है तेरी बाहों में शराब सा नशा है मेरी निगाहों में तेरी तलाश में तेरे मिलना की आस लिये दुआऐं मॉगता फिरता हॅू दरगाहों में…
Dosti Ki Hawa Chalne De Zara, Jalne walo ko jalne de zara Dhoka De Jaye agar har Koi, to Man Ka Radio Bajne De Zara.
This SMS is Posted on 02 Apr 2016 in Shayari Category by sanket

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